Monday, September 10, 2018

मनुष्य पाप कैसे करता है तथा पाप से बचने का उपाय

   ओम श्री सदगुरुदेव भगवान की जय

बंधुओं,

      आज हम अपने इस आर्टिकल में यह जानने का प्रयास करेंगे कि हम मनुष्य किसकी प्रेरणा से पाप का आचरण करते हैं?

      अर्जुन ने भगवान श्री कृष्ण से श्रीमद्भगवद्गीता के तृतीय अध्याय के 36 में श्लोक में यह प्रश्न किया की श्री कृष्ण यह पुरुष बरबस घसीटकर लगाए हुए के सदृस ना चाहता हुआ किसकी प्रेरणा से पाप का आचरण करता है!

   भगवान श्री कृष्ण ने कहा अर्जुन यह जो रजो गुण हैं
इस रजोगुण से उत्पन्न यह काम और क्रोध अग्नि के समान भोग भोगने से भी तृप्त  नहीं होते  काम क्रोध राग द्वेष के ही पूरक हैं यह दोनों अपने शत्रु हैं जैसे धुएं से अग्नि और मल से दर्पण थक जाता है जैसे-झिल्ली से गर्भ ढका हुआ है ठीक वैसे ही काम क्रोध आदि विकारों से यह ज्ञान ढका हुआ है भीगी लकड़ी जलाने पर धुआं ही धुआं होता है अग्नि रहकर भी लपट का रूप नहीं ले पाती मल से  दर्पण ढकने पर जिस प्रकार प्रतिबिंब स्पष्ट नहीं होता झिल्ली के कारण जिस प्रकार गर्भ ढका रहता है वैसे ही इन विकारों के रहते परमात्मा का प्रत्यक्ष ज्ञान नहीं होता

अर्जुन अग्नि के समान भोगों से न तृप्त होने वाले ज्ञानियों के निरंतर बैरी इस काम से ज्ञान ढका हुआ है।

       इंद्रियां मन और बुद्धि इन विकारों के वास स्थान हैं, यह काम मन और बुद्धि और इंद्रियों के द्वारा विज्ञान को अच्छादित करके जीवात्मा को मोह में डालता है अर्जुन पहले इंद्रियों को संयमित करो क्योंकि शत्रु तो इन्द्रियों के अंतराल में छिपा है वह तुम्हारे भीतर है बाहर खोजने से नहीं मिलेगा इंद्रियों को वश में करके ज्ञान और विज्ञान का नाश करने वाले इस पापी काम को खत्म करो अतः विकारों के निवास स्थान का वही घेराव कर लो इंद्रियों को संयमित कर लो इस पर से भगवान कृष्ण बोले शरीर से इंद्रियों को परे और बलवान जान इंद्रियों से परे मन है यह उन से भी बलवान है मन से परे बुद्धि है और जो बुद्धि से परे अत्यंत पर है वह तुम्हारी आत्मा है वही तुम हो इसलिए इंद्रियां मन और बुद्धि का निरोध करने में सक्षम हो इस प्रकार बुद्धि से परे अर्थात सूक्ष्म और बलवान अपने आत्मा को जानकर आत्मा को समझकर बुद्धि के द्वारा अपने मन को वश में करके अर्जुन कामरूपी शत्रु को मार  जिससे पाप का शमन करके तू अपने स्वरूप को पा जाएगा।

ॐ तत् शत्

No comments:

Post a Comment

क्या आपको शेयर मार्केट में जाना चाहिए

लोग अधिक धन कमाने के लोग हमें हंसकर शेयर मार्केट में जाते हैं जहां अपनी गाढ़ी कमाई या कर्ज लेकर के पैसे को लगाते हैं क्या सभी लोग सफल होते ह...