Thursday, July 5, 2018

मेरे शेयर मार्केट के अनुभव

जानिए क्या है शेयर बाजार
जी हां आपको आज हम शेयर बाजार के बारे में बताने जाएंगे लोग कहते हैं कि शेयर बाजार एक जुआ लेकिन अब ऐसा नहीं है बहुत से लोग इसमें बहुत कुछ कमाते हैं बहुत से लोग बहुत कुछ गवा देते हैं अब आप सीधा साधा प्रश्न करेंगे की तुम्हें स्टॉक मार्केट के बारे में क्या आता है क्या तुमने कभी ट्रेनिंग की है क्या कभी इन्वेस्टिंग की है तो बंधुओं मैं यह बता देना चाहता हूं मैं स्टॉक मार्केट में इसके पीछे बहुत सी बहुत बड़ी एक कहानी है मैं स्टॉक मार्केट में क्यों आया क्योंकि मुझे कुछ कमाना था और मैंने क्या किया इसके पीछे मेरे पास कुछ हजार ₹2000 थे तो मैंने YouTube पर काफी सब चीजें सर्च की की शेयर बाजार क्या है बहुत सी वीडियोस मैंने देखे डीमेट क्या होता है ट्रेडिंग अकाउंट क्या होता है तो फिर मैंने SBI कैप सिक्योरिटीज में अपना खाता खुलवाया जब मैंने तो रजिस्टर्ड ऐसे ही कर दिया था वहां से एक कर्मचारी आया और उसने मुझसे जो भी डाक्यूमेंट्स है कागजात है मांगा और वह खुद ही जाकर के वह उसकी छायाप्रति करा लाया तब मुझको उसने एक क्लाइंट ID दी और हेलो इसके बाद हमारे खाते से हमारा डीमैट अकाउंट लिंक हो गया हमारा खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में था अतः Bank of Baroda नहीं बैंक ऑफ इंडिया में था हमने 1चेक दिया ₹2000 का SBI ki taraf se kuch calls bhi Hamare email par Aati Thi अतः इश्क हमारा डीमेट चालू हो गया और हमने ट्रेडिंग शुरू की YouTube पर एक चैनल था जिसका नाम था इन्वेस्ट एंड ए आर एन मैंने वहां से देखा तो उसने बताया कि अगर 30 पैसे का भी अगर हम टारगेट रखकर के करें 30 पैसे ऊपर नीचे तो स्टॉप जाता ही जाता है तो फिर उसके बाद हम जैसे ही 30 मैसेज आए तो उसके बाद हम प्रॉफिट बुक कर देते थे लेकिन SBI में हमें कुछ समझ में नहीं आया और हम कल सोल्स पर भी उसके ध्यान नहीं दे पाते थे क्योंकि अभी हम नहीं थे नए थे अतः मैं मैं दान में उतर चुका था अब मैं डिस्काउंट ब्रोकर के बारे में सुना ज़ेरोधा की काफी तारीफ सुनी अतः मैंने ऑनलाइन ही ज़ेरोधा का क्लाइंट बना फिर वहां से एक उमर भाई जी का फोन आया जो कि बेंगलुरु में है फिर मुझे डाक्यूमेंट्स उन्होंने मेल किया इसके बाद मैंने सारे कागजात पर सिग्नेचर करके उसे बिंद बेंगलुरु भेज दिया फिर मेरा डीमैट अकाउंट ओपन हो चुका अब मेरी ट्रेडिंग शुरू हो गई तुम मेरे पास पैसे नहीं हमारे चाचा हमारे बुआ बुआ की लड़की का पैसा मेरे पास आया था ₹12000 उसे मकान का किराया देना था लेकिन मैंने उस पैसे से ट्रेड किया उस समय मैंने पहला टाटा पावर में किया मैंने पहले दिन ही ₹600 कमा लिए सबकुछ काटने के बाद वैसे तो कुल 14 सो रुपए थे लेकिन सब कुछ काट कर के 614 बच्चे थे अब मैं फिर दूसरे दिन भी टाटा पावर उठाया और मैं ₹2000 का लॉस खा गया क्योंकि वह बहुत ही ऊपर उठ चुका था और वह अपना डाउन ले रहा था अब मैं अपनी पोजीशन जो है बैंक में ले रहा था जबकि वह असल में हो रहा था मैंने कई स्टॉक्स में काम किए जैसे Ashok Leyland SBI PNB Bank of Baroda बैंक ऑफ इंडिया जेपी एसोसिएट और बहुत सारे स्टाफ को मैंने ट्रेनिंग की Mahindra टाटा मोटर्स आज को ट्रेन किया ओके

श्री श्री 1008 स्वामी नारायणानंद जी सत्संगी महाराज लंगडू बाबा

सत्संगी महाराज जी का जीवन पूज्य स्वामी श्री अड़गड़ानन्द जी के मुखारविंद से निःसृत वाणी पर आधारित है।

ॐ जय गुरुदेवम् जय गुरुदेव ,
ॐ असरन सरन प्रभु लेवम्।

पूरब में बड़े अच्छे महापुरुष होते आये है।
गोरखपुर नेपाल की तलहटी में जहाँ बुद्ध महावीर जन्मे,  वही पाली एक गाँव है। वहीँ सत्संगी महाराज जी का जन्म हुआ।
  सत्संगी महाराज कुर्मी क्षत्रिय परिवार मे पैदा हुए। एक जमीदार के लड़के थे । 700 बीघा जमीन थी।

एकलौते थे। बड़े जमीदार होते हुए भी पिताजी पूजा भजन अभिषेक में मस्त रहते थे। छः घर अहीर सेवा करे । जो कुछ हो उसी में संतुष्ट हो कर रहते थे । कभी खेत क्यारी जाते ही नही थे।
  सत्संगी महाराज 16 साल के हो गए। इतना खेत होते हुए भी खर्च चलाना मुश्किल हो गया था। पडरौना कुर्मी लोगो की एस्टेट है।
  जमीदार साहब अपने सेवको से कहे की पता करो भाई अहिरो से तो अहीर कहे की मालिक आज पूरब गए थे तो पश्चिम में खा गई। भैंसे खा जरूर जाय। आस्ते आस्ते सबको पता चल गया की किसकी भैस कहती है। वही अहीर सब अपनी भैंसे हला कर खेत चरा देते थे। एक दिन सत्संगी बाबा (१६) कहे की एक बार दिखा तो दे की किसकी भैंसे चरती है।

अहीर सब उन्ही की नौकरी भी करें औऱ खेत भी चरवा दे।

योगेश्वर विश्वगुरु श्री श्री 1008 श्री परमहँस स्वामी अड़गड़ानन्द जी महाराज का जीवन परिचय

।।ॐ श्री सतगुरुदेव भगवन की जय।।

पूज्य स्वामी जी का जीवन परिचय स्वामी जी के मुखारविंद से सुने हुए जीवनी के बारे में है।
   
स्वामी जी 23 वर्ष की अवस्था में परमहंस महाराज जी के सानिद्ध्य में आये थे। आपका जन्म राजस्थान के उदयपुर जिले के ओसियां गाँव में हुआ था।

मेरा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में योग का सफ़र।

मेरी योग में रूचि काफी बचपन से ही थी। BHU मे मैंने योग में सर्टिफिकेट हासिल की जो की एक माह का था। यह सन 2014 या 2015 की बात है। अगस्त सितम्बर माह का बैच था। वहा पर दो योग प्रशिक्षक थे ।
पहले डॉ योगेश भट्ट जी, दूसरे त्रिपाठी गुरूजी थे पूरा नाम तो भूल चूका हूँ।
     दोनों शिक्षक लाजवाब थे। भट्ट जी काफी विद्वान थे । उन्होंने कैवल्यधाम योग संस्थान , पुणे से योग में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया था। भट्ट सर की वाणी में काफी दम था। वे काफी साधारण ढंग से रहते थे। लेकिन जब बोलते थे तो स्टूडेंट काफी उत्साह से भर जाते थे। एक महीने का समय काफी रोचक था।
  उन्होंने हम लोगो को स्वास्थ्य प्रबंधन सिखाया । आसन प्राणायाम तथा दिनचर्या को नियमित रखने के बारे में बताया।
  हे भाई । त्रिपाठी सर तो नहीं भूलते । वे कक्षा के समापन पर ऐसा भजन कीर्तन करवा देते थे की मन में एक अलग ही उत्साह आ जाता था।

क्या आपको शेयर मार्केट में जाना चाहिए

लोग अधिक धन कमाने के लोग हमें हंसकर शेयर मार्केट में जाते हैं जहां अपनी गाढ़ी कमाई या कर्ज लेकर के पैसे को लगाते हैं क्या सभी लोग सफल होते ह...